Tahajjud ki कविता Web Stories |अल्लाह की तरफ़ से – Dawat-e-Tabligh

Tahajjud ki कविता |अल्लाह की तरफ़ से - Dawat-e-Tabligh1026_205830

मांगने वाला हो ! जो रिज़्क का तालिब हो मैं रिज़्क उसे दूंगा ! वह माइले तौबा हो मैं माइले बख्शिश हूँ ! वह अपने गुनाहों की कसरत से न घबराये ! मैं रहम से बख़्शृंगा वह शर्म से पछताये ! Tahajjud ki कविता Web Stories |अल्लाह की तरफ़ से – Dawat-e-Tabligh….

Aurat aur mard ka akele hona | Shaitan की kya कोशिश है ? Dil कितने Prakar के होते हैं ?  Shaitan किस तरह लोगो को परेशान करता ha? Umar bin Khatab ki 6 नसीहतें औरतें तीन क़िस्म की होती हैं