शैतान का फसाना | Shaitan की चलाकिया | Dawat-e-Tabligh

शैतान का फसाना | Shaitan की चलाकिया | Dawat-e-Tabligh

Maidan-e-Hashr
Shaitan मेरी बात क्यों मानी? तुम खुद मुज्मि हो? पैगम्बरों की दावत छोड़कर , हुज्जत और दलील के ज़रिए। मेरे झूठे और बातिल बुलावे पर तुमने क्यों कान धरा। कोई ज़बरदस्ती हाथ पकड़ के तो मैंने तुमसे कुफ़ व शिर्क के काम कराये नहीं। शैतान का फसाना | Shaitan की चलाकिया | Dawat-e-Tabligh.... शैतान का फसाना | Shaitan की चलाकिया | Dawat-e-Tabligh शैतान का फसाना अपने मानने वालों के सामने शैतान का सफाई पेश करना दुनिया में शैतान ने अपने गिरोह के साथ इंसानों को ख़ूब बहकाया और हक़ के रास्ते से हटाकर कुफ्र व शिर्क में फांसा। मगर क़ियामत के दिन इंसानों को ही इल्ज़ाम देगा कि तुमने मेरी बात क्यों मानी। मेरा तुम पर क्या ज़ोर था। चुनांचे अल्लाह का इर्शाद है : ‘और जब फ़ैसले हो चुकेंगे,…
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Allah को कैसे देखेंगे? |अल्लाह की रहमत | पुलसिरात का रास्ता पार करना | Dawat-e-Tabligh

Allah को कैसे देखेंगे? |अल्लाह की रहमत | पुलसिरात का रास्ता पार करना | Dawat-e-Tabligh

Maidan-e-Hashr
क्या दोपहर के वक्त सूरज के देखने में तुमको तकलीफ होती है, जबकि वह बिल्कुल साफ हो और उस पर कुछ भी बादल न हो? पुलसिरात रखी जाएगी, जो तेज़ की हुई तलवार की तरह होगी। Allah को कैसे देखेंगे?| अल्लाह की रहमत | पुलसिरात का रास्ता पार करना | Dawat-e-Tabligh... Allah को कैसे देखेंगे? |अल्लाह की रहमत | पुलसिरात का रास्ता पार करना | Dawat-e-Tabligh अल्लाह की रहमत अल्लाह की रहमत से बख़्शे जायेंगे हज़रत अबू सईद खुदरी से रिवायत है कि आंहज़रत सैयदे आलम ने फरमाया कि हरगिज़ कोई जन्नत में अल्लाह की रहमत के बगैर दाख़िल न होगा? सहाबा किराम ने सवाल किया कि या रसूलल्लाह ! आप भी अल्लाह की रहमत के बगैर जन्नत में न जाएंगे? इसके जवाब में सैयदे आलम ने अपना मुबारक हाथ…
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Jannat से aacha kya होगा? | Jahannam से निकलना | अनोखी हेरानी |Dawat-e-Tabligh

Jannat से aacha kya होगा? | Jahannam से निकलना | अनोखी हेरानी |Dawat-e-Tabligh

Maidan-e-Hashr
मेरे पास तुम्हारे लिए इससे भी अफ़ज़ल नेमत है। तुम जिसे पहचानते हो, निकाल लो! चुनांचे वे लोग दोज़ख़ से भारी तादाद में लोगों को निकालेंगे । Jannat से अफ़ज़ल kya होगा? | Jahanam से निकलना | अनोखी हेरानी |Dawat-e-Tabligh Jannat से अफ़ज़ल kya होगा? | Jahannam से निकलना | अनोखी हेरानी |Dawat-e-Tabligh Jannat का दरवाजा कौन खुलवाएंगे ? प्यारे नबी जन्नत खुलवाएंगे आहज़रत सैयदे आलम ने फ़रमाया कि क़ियामत के दिन तमाम पैगम्बरों से ज्यादा मेरे तरीके पर चलने वाले मौजूद होंगे और मैं सबसे पहले जन्नत का दरवाज़ा (खुलवाने के लिए) खटखटाऊंगा।' यह भी इर्शाद फ़रमाया कि मैं क़ियामत के दिन जन्नत के दरवाज़े पर आकर खोलने के लिए कहूंगा। जन्नत का दारोगा सवाल करेगा कि आप कौन हैं? मैं जवाब दूंगा कि मुहम्मद हूं! यह सुनकर वह…
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Kaun लोग घाटे में हैं? | किसके लिए नेक काम का फैदा नहीं ? | Dawat-e-Tabligh

Kaun लोग घाटे में हैं? | किसके लिए नेक काम का फैदा नहीं ? | Dawat-e-Tabligh

Maidan-e-Hashr
जो दुनिया की जिंदगी में अपने ख़्याल में नेक काम करते हैं। जैसे पानी पिलाने कि लिए जगह का इंतिज़ाम करते हैं और मजबूर की मदद कर गुज़ारते हैं ... Kaun लोग घाटे में हैं? | किसके लिए नेक काम का फैदा नहीं ? | Dawat-e-Tabligh Kaun लोग घाटे में हैं? | किसके लिए नेक काम का फैदा नहीं ? | Dawat-e-Tabligh कौन से लोग घाटे में हैं?  काफ़िरों की नेकियाँ बेवज़न होंगी सूरः कहफ के आख़िरी रकू में इर्शाद है : 'आप फरमा दीजिए, क्या हम तुमको ऐसे लोग बताएं जो आमाल के एतबार से बड़े घाटे में हैं। (ये) वे लोग हैं जिनकी कोशिश अकरात गयी दुनिया की जिंदगी में और वे समझते रहे कि खूब बनाते हैं काम! ये वहीं हैं, जो इंकारी हुए अपने रब की…
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सिफ़ारीश किन के लिए होगी ? | बच्चे का (इंतिकाल) मरना कैसा है ? | Dawat-e-Tabligh

सिफ़ारीश किन के लिए होगी ? | बच्चे का (इंतिकाल) मरना कैसा है ? | Dawat-e-Tabligh

Maidan-e-Hashr
मौजूदगी में बच्चे का इंतिकाल हो जाए। बच्चे की मौत पर जो मां-बाप को ग़म होता है। अगर अधूरा बच्चा गिर गया तो वह भी मां-बाप को... । सिफ़ारीश किन के लिए होगी ? | बच्चे का (इंतिकाल) मरना कैसा है ? | Dawat-e-Tabligh सिफ़ारीश किन के लिए होगी ? | बच्चे का (इंतिकाल) मरना कैसा है ? | Dawat-e-Tabligh शफाअत क़ियामत में शफाअत भी अल्लाह जल्ल ल शानुहू क़ुबूल फरमाएंगे और उससे ईमान वालों को बड़ा नफा पहुंचेगा। आंहज़रत सैयदे आलम ने इर्शाद फ़रमाया है कि कियामत के दिन तीन गिरोह शफाअत करेंगे। 1) अंबिया किराम अलैहिमुस्सलातु वस्स्लाम, 2) उलमा और 3) शुहदा' लेकिन शफाअत वही कर सकेगा, जिसे अल्लाह तआला की तरफ से शफाअत करने की इजाज़त होगी। जैसा कि आयतल कुर्सी में फ़रमाया : मन जल्लजी यशफर…
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जुर्म न मानने पर गवाहियां | अच्छे बुरे कर्मो का बदला | Dawat-e-Tabligh

जुर्म न मानने पर गवाहियां | अच्छे बुरे कर्मो का बदला | Dawat-e-Tabligh

Maidan-e-Hashr
बदन के अंगों की गवाही, कुछ मेरे काम न आया मेरा माल । मुझसे जाती रही, मेरी हुकूमत ।' इस ख़्याल से मैं डरता रहा और फ़िक्र में घुलता रहा। आज दिल खुश करने वाला नतीजा देख रहा हूं। जुर्म न मानने पर गवाहियां | अच्छे बुरे कर्मो का बदला | Dawat-e-Tabligh जुर्म न मानने पर गवाहियां | अच्छे बुरे कर्मो का बदला | Dawat-e-Tabligh मुशरिकों का इंकार कि हम मुशरिक न थे सूरः अन्आम में फ़रमाया : 'और वह वक्त भी याद करने के काबिल है जिस दिन हम इन सब को जमा करेंगे, फिर मुश्रिकों से कहेंगे कि तुम्हारे वे शरीक, जिनके माबूद होने के तुम मुद्दई थे, कहां गये। फिर उनके शिर्क का अंजाम बस यही होगा कि यूँ कहेंगे कि अल्लाह की कसम ! जो हमारा…
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Malik और गुलामों का इन्साफ | Zulm करने वाले | Dawat-e-Tabligh

Malik और गुलामों का इन्साफ | Zulm करने वाले | Dawat-e-Tabligh

Maidan-e-Hashr
मेरे कुछ गुलाम हैं जो मुझसे झूठ बोलते हैं और मेरी ख़ियानत करते हैं और मेरी नाफरमानी करते हैं, और मेरी तरफ से यह है कि उनको गालियां देता हूं और सज़ा में मारता भी हूं। अब मेरा और उनका क्या मामला होगा? मालिकों और गुलामों का इन्साफ | Zulm करने वाले | Dawat-e-Tabligh मालिकों और गुलामों का इन्साफ | Zulm करने वाले | Dawat-e-Tabligh मरने के बाद की ज़िन्दगी इस संसार में मनुष्य का यह जीवन अस्थायी है और मरने के बाद उसे एक और जीवन मिलने वाला है जो सदैव रहेगा। अपने सच्चे मालिक की उपासना और उसके आज्ञापालन के बिना उसे मरने के बाद वाले जीवन में जन्नत हासिल नहीं हो सकती बल्कि उसे सदैव के लिए नरक का ईंधन बनना पड़ेगा। आज हमारे लाखों करोड़ों भाई…
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क्या अच्छे काम लोगो को देखने के लिए करना ?| क्या लोगो को दीखाने के लिए पैसे kharch करना ?| Dawat-e-Tabligh

क्या अच्छे काम लोगो को देखने के लिए करना ?| क्या लोगो को दीखाने के लिए पैसे kharch करना ?| Dawat-e-Tabligh

Maidan-e-Hashr
हर भले काम में मैंने आप की खुशी के लिए अपना माल ख़र्च किया। बन्दों को अच्छे आमाल (karam) का बदला देंगे । क्या अच्छे काम लोगो को देखने के लिए करना ?| क्या लोगो को दीखाने के लिए पैसे kharch करना ?| Dawat-e-Tabligh क्या अच्छे काम लोगो को देखने के लिए करना ?| क्या लोगो को दीखाने के लिए पैसे kharch करना ?| Dawat-e-Tabligh लोगो ki nazar ma बहादुर बनने के लिए शहीद होना हज़रत अबू हुरैरः से रिवायत है कि आंहज़रत सैयदे आलम ने फरमाया कि बेशक कियामत के दिन जिन लोगों के बारे में सबसे पहले फैसला दिया जाएगा। उनमें से एक शख्स वह होगा जो ( जिहाद में कत्ल हो जाने की वजह से ) शहीद समझ लिया गया था, उसको क़ियामत के दिन लाया जाएगा।…
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