घमंडी लोगो का क्या होगा ?| Allah ki अदालत 3| Dawat-e- Tabligh

Maidan-e-Hashr
यहां दुनिया में जो छोटा-बड़ा होने के मेयार हैं यहीं रह जाएंगे। बड़े-बड़े घमंडी, जो दुनिया में बहुत घमंडी और सरबुलंद समझे जाते थे, घमंडी लोगो का क्या होगा ?| Allah ki अदालत 3| Dawat-e- Tabligh ... घमंडी लोगो का क्या होगा ?| Allah ki अदालत 3| Dawat-e- Tabligh घमंडी लोगो का क्या होगा?  कियामत के दिन अमल के मुताबिक रुत्वों में फर्क होगा और छोटाई-बड़ाई का मेयार नेकी-बदी होगा। यहां दुनिया में जो छोटा-बड़ा होने के मेयार हैं यहीं रह जाएंगे। बड़े-बड़े घमंडी, जो दुनिया में बहुत घमंडी और सरबुलंद समझे जाते थे, कियामत के दिन दोज़ख़ के गहरे गढ़े में ढकेल दिए जाएंगे और उनकी बड़ाई और चौधराहट धूल में मिल जाएगी। वहाँ ये मर्दूद कहेंगे : 'मेरा माल मेरे कुछ काम न आया, जाती रही मेरी हुकूमत…
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Prophet Mohammad कहा मिलेंगे ?| Prophet Mohammad के उम्मती होन की पहचान |हम सब का सरदार कौन है?| Dawat-e-Tabligh

Maidan-e-Hashr
आपको कहां तलाश करूं? इन तीनों जगहों में से किसी एक जगह ज़रूर मिल जाऊंगा। हश्र के मैदान में प्यारे नबी के बुलन्द मर्तबे का ज़ुहूर..... Maiden-e-hashr में prophet Mohammad का मर्तबा हश्र के मैदान में प्यारे नबी के बुलन्द मर्तबे का ज़ुहूर शिफाअते कुबरा, मकामे महमूद, उम्मते मुहम्मदिया की बड़ाई हज़रत अबू सईद खुदरी रिवायत फ़रमाते हैं कि आंहज़रत सैयदे आलम ने इर्शाद फरमाया कि क़ियामत के दिन आदम की तमाम औलाद का मैं सरदार हूंगा (यानी सरदार होना सब पर साफ़ हो जाएगा। गो हक़ीक़त में सरदार अब भी आप ही हैं) और मैं इस पर फन नहीं करता हूं (बल्कि यह ब्यान हक़ीकत और नेमत का इज़हार है); और मेरे हाथ में हम्द का झंडा होगा और मैं इस पर फख़ नहीं करता हूं; और उस दिन…
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Allah की Adalat | बीवी को परशान करने की क्या सजा है? | Dawat-e-Tabligh

Allah की Adalat | बीवी को परशान करने की क्या सजा है? | Dawat-e-Tabligh

Maidan-e-Hashr
हश्र के मैदान में मौजूद लोगों की अलग-अलग हालतें । जिस मर्द के पास दो बीवि हों और उसने उनके दर्मियान इंसाफ न किया हो तो.... Allah ki अदालत Allah ki अदालत Maidan-e-Hashr | बीवी को परशान करने की क्या सजा है? | Dawat-e-Tabligh परिचय  हश्र के मैदान में मौजूद लोगों की अलग-अलग हालतें । भिखारियों की हालत kiski hogi?  हज़रत अब्दुल्लाह बिन उमर से रिवायत है कि आंहज़रत ने इर्शाद फ़रमाया कि आदमी लोगों से सवाल करते-करते उस हालत को पहुंच जाता है कि क़ियामत के दिन इस हालत में आयेगा कि उसके चेहरे पर गोश्त की ज़रा-सी भी बोटी न होगी' यानी भीख मांगने वाले को रुस्वा और ज़लील करने के लिए हश्र के मैदान में इस हाल में लाया जाएगा कि उसके चेहरे पर बस हड्डियाँ ही…
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 दुनिया में aur कितने दिन baki रहे? | चेहरों पर खुशी और उदासी| Dawat-e-Tabligh

 दुनिया में aur कितने दिन baki रहे? | चेहरों पर खुशी और उदासी| Dawat-e-Tabligh

Maidan-e-Hashr
वाला कि तुम दुनिया में एक दिन से ज़्यादा नहीं रहे।' उस दिन से जो बच्चों को बूढ़ा कर देगा।' 'कितने चेहरे उस दिन रौशन (और) हंसते (और खुशी करते होंगे..  दुनिया में aur कितने दिन baki रहे? | चेहरों पर खुशी और उदासी| Dawat-e-Tabligh  दुनिया में कितने दिन रहे? Maidan-e-Hashr| चेहरों पर खुशी और उदासी| Dawat-e-Tabligh दुनिया में aur कितने दिन baki रहे? अल्लाह तआला ने इस आयत के बाद दूसरी आयत में फ़रमाया : नहनु अलमु बिमा यकूलू न इज़ यकूलु अम्सलुहुम तरीकृतन इल्लविस्तुम इल्ला यौमा । 'हमको अच्छी तरह मालूम हैं, जो कुछ वे कहते हैं। जब बोलेगा उनमें का अच्छी रविश वाला कि तुम दुनिया में एक दिन से ज़्यादा नहीं रहे।' आख़िरत के लम्बे और वहां कि दर्दनाक मंज़रों को देखकर दुनिया में या कब्र…
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