क्या अच्छे काम लोगो को देखने के लिए करना ?| क्या लोगो को दीखाने के लिए पैसे kharch करना ?| Dawat-e-Tabligh

क्या अच्छे काम लोगो को देखने के लिए करना ?| क्या लोगो को दीखाने के लिए पैसे kharch करना ?| Dawat-e-Tabligh

Maidan-e-Hashr
हर भले काम में मैंने आप की खुशी के लिए अपना माल ख़र्च किया। बन्दों को अच्छे आमाल (karam) का बदला देंगे । क्या अच्छे काम लोगो को देखने के लिए करना ?| क्या लोगो को दीखाने के लिए पैसे kharch करना ?| Dawat-e-Tabligh क्या अच्छे काम लोगो को देखने के लिए करना ?| क्या लोगो को दीखाने के लिए पैसे kharch करना ?| Dawat-e-Tabligh लोगो ki nazar ma बहादुर बनने के लिए शहीद होना हज़रत अबू हुरैरः से रिवायत है कि आंहज़रत सैयदे आलम ने फरमाया कि बेशक कियामत के दिन जिन लोगों के बारे में सबसे पहले फैसला दिया जाएगा। उनमें से एक शख्स वह होगा जो ( जिहाद में कत्ल हो जाने की वजह से ) शहीद समझ लिया गया था, उसको क़ियामत के दिन लाया जाएगा।…
Read More

घमंडी लोगो का क्या होगा ?| Allah ki अदालत 3| Dawat-e- Tabligh

Maidan-e-Hashr
यहां दुनिया में जो छोटा-बड़ा होने के मेयार हैं यहीं रह जाएंगे। बड़े-बड़े घमंडी, जो दुनिया में बहुत घमंडी और सरबुलंद समझे जाते थे, घमंडी लोगो का क्या होगा ?| Allah ki अदालत 3| Dawat-e- Tabligh ... घमंडी लोगो का क्या होगा ?| Allah ki अदालत 3| Dawat-e- Tabligh घमंडी लोगो का क्या होगा?  कियामत के दिन अमल के मुताबिक रुत्वों में फर्क होगा और छोटाई-बड़ाई का मेयार नेकी-बदी होगा। यहां दुनिया में जो छोटा-बड़ा होने के मेयार हैं यहीं रह जाएंगे। बड़े-बड़े घमंडी, जो दुनिया में बहुत घमंडी और सरबुलंद समझे जाते थे, कियामत के दिन दोज़ख़ के गहरे गढ़े में ढकेल दिए जाएंगे और उनकी बड़ाई और चौधराहट धूल में मिल जाएगी। वहाँ ये मर्दूद कहेंगे : 'मेरा माल मेरे कुछ काम न आया, जाती रही मेरी हुकूमत…
Read More

Prophet Mohammad कहा मिलेंगे ?| Prophet Mohammad के उम्मती होन की पहचान |हम सब का सरदार कौन है?| Dawat-e-Tabligh

Maidan-e-Hashr
आपको कहां तलाश करूं? इन तीनों जगहों में से किसी एक जगह ज़रूर मिल जाऊंगा। हश्र के मैदान में प्यारे नबी के बुलन्द मर्तबे का ज़ुहूर..... Maiden-e-hashr में prophet Mohammad का मर्तबा हश्र के मैदान में प्यारे नबी के बुलन्द मर्तबे का ज़ुहूर शिफाअते कुबरा, मकामे महमूद, उम्मते मुहम्मदिया की बड़ाई हज़रत अबू सईद खुदरी रिवायत फ़रमाते हैं कि आंहज़रत सैयदे आलम ने इर्शाद फरमाया कि क़ियामत के दिन आदम की तमाम औलाद का मैं सरदार हूंगा (यानी सरदार होना सब पर साफ़ हो जाएगा। गो हक़ीक़त में सरदार अब भी आप ही हैं) और मैं इस पर फन नहीं करता हूं (बल्कि यह ब्यान हक़ीकत और नेमत का इज़हार है); और मेरे हाथ में हम्द का झंडा होगा और मैं इस पर फख़ नहीं करता हूं; और उस दिन…
Read More
Allah की Adalat | बीवी को परशान करने की क्या सजा है? | Dawat-e-Tabligh

Allah की Adalat | बीवी को परशान करने की क्या सजा है? | Dawat-e-Tabligh

Maidan-e-Hashr
हश्र के मैदान में मौजूद लोगों की अलग-अलग हालतें । जिस मर्द के पास दो बीवि हों और उसने उनके दर्मियान इंसाफ न किया हो तो.... Allah ki अदालत Allah ki अदालत Maidan-e-Hashr | बीवी को परशान करने की क्या सजा है? | Dawat-e-Tabligh परिचय  हश्र के मैदान में मौजूद लोगों की अलग-अलग हालतें । भिखारियों की हालत kiski hogi?  हज़रत अब्दुल्लाह बिन उमर से रिवायत है कि आंहज़रत ने इर्शाद फ़रमाया कि आदमी लोगों से सवाल करते-करते उस हालत को पहुंच जाता है कि क़ियामत के दिन इस हालत में आयेगा कि उसके चेहरे पर गोश्त की ज़रा-सी भी बोटी न होगी' यानी भीख मांगने वाले को रुस्वा और ज़लील करने के लिए हश्र के मैदान में इस हाल में लाया जाएगा कि उसके चेहरे पर बस हड्डियाँ ही…
Read More
 दुनिया में aur कितने दिन baki रहे? | चेहरों पर खुशी और उदासी| Dawat-e-Tabligh

 दुनिया में aur कितने दिन baki रहे? | चेहरों पर खुशी और उदासी| Dawat-e-Tabligh

Maidan-e-Hashr
वाला कि तुम दुनिया में एक दिन से ज़्यादा नहीं रहे।' उस दिन से जो बच्चों को बूढ़ा कर देगा।' 'कितने चेहरे उस दिन रौशन (और) हंसते (और खुशी करते होंगे..  दुनिया में aur कितने दिन baki रहे? | चेहरों पर खुशी और उदासी| Dawat-e-Tabligh  दुनिया में कितने दिन रहे? Maidan-e-Hashr| चेहरों पर खुशी और उदासी| Dawat-e-Tabligh दुनिया में aur कितने दिन baki रहे? अल्लाह तआला ने इस आयत के बाद दूसरी आयत में फ़रमाया : नहनु अलमु बिमा यकूलू न इज़ यकूलु अम्सलुहुम तरीकृतन इल्लविस्तुम इल्ला यौमा । 'हमको अच्छी तरह मालूम हैं, जो कुछ वे कहते हैं। जब बोलेगा उनमें का अच्छी रविश वाला कि तुम दुनिया में एक दिन से ज़्यादा नहीं रहे।' आख़िरत के लम्बे और वहां कि दर्दनाक मंज़रों को देखकर दुनिया में या कब्र…
Read More
क्या मरने के बाद Allah के पास जना हैं?|हमारा कर्तव्य क्या हैं?| Dawat-e-Tabligh

क्या मरने के बाद Allah के पास जना हैं?|हमारा कर्तव्य क्या हैं?| Dawat-e-Tabligh

Uncategorized
कल सबको अपने स्वामी के पास जाना है। जीवन भर परीक्षा से जूझना पड़े तो यह सोचकर सहन कर लेना कि इस संसार का जीवन तो कुछ दिनों तक सीमित है, मरने के बाद का जीवन वहां ही जन्नत और उसके सुख प्राप्त करने के लिए और अपने मालिक को प्रसन्न करने के लिए और उसको आंखों से देखने के लिए ये परीक्षाएं कुछ भी नहीं हैं।  ईमान की ज़रूरत मरने के बाद के जीवन के अलावा इस संसार में भी ईमान और इस्लाम हमारी ज़रूरत है और मनुष्य का कर्तव्य है कि एक स्वामी की उपासना और आज्ञापालन करे। जो अपने स्वामी और पालनहार का दर छोड़ कर दूसरों के सामने झुकता फिरे, वह जानवरों से भी गया गुज़रा है। कुत्ता भी अपने मालिक के दर पर पड़ा रहता…
Read More

क्या मरने(मृत्यु) के बाद Jannat\ jahannam(Hell) में जाना है?| Prophet Mohammad  कि आखिरी बात| Dawat-e-Tabligh

Uncategorized
क्या मरने(मृत्यु) के बाद Jannat\ jahannam(Hell) में जाना है?| Prophet Mohammad  कि आखिरी बात| Dawat-e-Tabligh मनुष्य की एक और कमज़ोरी मनुष्य की यह कमज़ोरी रही है कि वह अपने बाप दादा और बुजुर्गों की ग़लत बातों को भी आंख बन्द करके मानता चला जाता हे, चाहे बुद्धि और तर्क उन बातों का साथ नहीं दे रहे हों, लेकिन इसके बावजूद मनुष्य पारिवारिक बातों पर जमा रहता है और इसके विरुद्ध अमल तो क्या, कुछ सुनना भी पसन्द नहीं करता। Prophet Mohammad की तकलीफ यही कारण था कि 40 साल की आयु तक मुहम्मद (सल्ल.) का सम्मान करने और सच्चा मानने और जानने के बावजूद मक्का के लोग अल्लाह के सन्देष्टा के रूप में अल्लाह की ओर से लायी गयी आपकी शिक्षाओं के दुश्मन हो गए। आप जितना अधिक लोगों को सबसे बड़ी सच्चाई शिर्क के विरुद्ध एकेश्वरवाद की…
Read More
सच्चा धर्म केवल एक है| सच की आवाज़| Dawat-e-Tabligh

सच्चा धर्म केवल एक है| सच की आवाज़| Dawat-e-Tabligh

Uncategorized
ईमानदार सच की आवाज़|  इसी प्रकार सबसे बड़ा सदकर्म "ईमान" है, जिसके बारे में दुनिया के समस्त धर्म वाले यह कहते हैं कि सब कुछ यहीं छोड़ जाना है, मरने के बाद आदमी के साथ केवल ईमान जाएगा। ईमानदार या ईमान वाला उसे कहते हैं जो हक देने वाला हो, इसके विपरीत हक मारने वाले को ज़ालिम व काफिर (इन्कारी) कहते हैं। मनुष्य पर सबसे बड़ा हक उसके पैदा करने वाले का है। वह यह कि सबको पैदा करने वाला, जीवन और मृत्यु देने वाला स्वामी, पालनहार और उपासना के योग्य केवल अकेला अल्लाह है, तो फिर उसी की उपासना की जाए, उसी को स्वामी, लाभ हानि, सम्मान व अपमान देने वाला समझा जाए और उसके दिए हुए जीवन को उसकी इच्छा व आज्ञा अनुसार बसर किया जाए। उसी को…
Read More