Allah को कैसे देखेंगे? |अल्लाह की रहमत | पुलसिरात का रास्ता पार करना | Dawat-e-Tabligh

Allah को कैसे देखेंगे? |अल्लाह की रहमत | पुलसिरात का रास्ता पार करना | Dawat-e-Tabligh

Maidan-e-Hashr
क्या दोपहर के वक्त सूरज के देखने में तुमको तकलीफ होती है, जबकि वह बिल्कुल साफ हो और उस पर कुछ भी बादल न हो? पुलसिरात रखी जाएगी, जो तेज़ की हुई तलवार की तरह होगी। Allah को कैसे देखेंगे?| अल्लाह की रहमत | पुलसिरात का रास्ता पार करना | Dawat-e-Tabligh... Allah को कैसे देखेंगे? |अल्लाह की रहमत | पुलसिरात का रास्ता पार करना | Dawat-e-Tabligh अल्लाह की रहमत अल्लाह की रहमत से बख़्शे जायेंगे हज़रत अबू सईद खुदरी से रिवायत है कि आंहज़रत सैयदे आलम ने फरमाया कि हरगिज़ कोई जन्नत में अल्लाह की रहमत के बगैर दाख़िल न होगा? सहाबा किराम ने सवाल किया कि या रसूलल्लाह ! आप भी अल्लाह की रहमत के बगैर जन्नत में न जाएंगे? इसके जवाब में सैयदे आलम ने अपना मुबारक हाथ…
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