कौन गुमराह न हो स्केगा ? |आराफ़ क्या है ? |मौत खतम | Dawat-e-Tabligh

कौन गुमराह न हो स्केगा ? |आराफ़ क्या है ? |मौत खतम | Dawat-e-Tabligh

Maidan-e-Hashr
जो Jannat में दाखिल होगा, उसमें हमेशा रहेगा। Jannat में किसी को Maut न आएगी। न उससे निकाले जाएंगे, न निकलना चाहेंगे । कौन गुमराह न हो स्केगा ? |आराफ़ क्या है ? |मौत खतम | Dawat-e-Tabligh.... कौन गुमराह न हो स्केगा ? |आराफ़ क्या है ? |मौत खतम | Dawat-e-Tabligh  क़ियामत का दिन कितना बड़ा होगा ?  क़ियामत के दिन की लंबाई क़ियामत का दिन बहुत लंबा होगा। हदीस शरीफ़ में इसकी लंबाई 50,000 वर्ष बतायी गयी है।' यानी पहली बार सूर फूंकने के वक्त से लेकर बहिश्तयों के बहिश्त में जाने और दोज़खियों के दोज़ख़ में करार पकड़ने तक पचास हज़ार वर्ष की मुद्दत होगी। इतना बड़ा दिन मुश्किों, काफिरों और मुनाफिकों के लिए बड़ा सख्त होगा। ईमान वाले बंदों के लिए अल्लाह आता आसानी फरमा देंगे। चुनांचे हदीस शरीफ…
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