जुर्म न मानने पर गवाहियां | अच्छे बुरे कर्मो का बदला | Dawat-e-Tabligh

जुर्म न मानने पर गवाहियां | अच्छे बुरे कर्मो का बदला | Dawat-e-Tabligh

Maidan-e-Hashr
बदन के अंगों की गवाही, कुछ मेरे काम न आया मेरा माल । मुझसे जाती रही, मेरी हुकूमत ।' इस ख़्याल से मैं डरता रहा और फ़िक्र में घुलता रहा। आज दिल खुश करने वाला नतीजा देख रहा हूं। जुर्म न मानने पर गवाहियां | अच्छे बुरे कर्मो का बदला | Dawat-e-Tabligh जुर्म न मानने पर गवाहियां | अच्छे बुरे कर्मो का बदला | Dawat-e-Tabligh मुशरिकों का इंकार कि हम मुशरिक न थे सूरः अन्आम में फ़रमाया : 'और वह वक्त भी याद करने के काबिल है जिस दिन हम इन सब को जमा करेंगे, फिर मुश्रिकों से कहेंगे कि तुम्हारे वे शरीक, जिनके माबूद होने के तुम मुद्दई थे, कहां गये। फिर उनके शिर्क का अंजाम बस यही होगा कि यूँ कहेंगे कि अल्लाह की कसम ! जो हमारा…
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