तास्सुरात (कविता)| Hazratji Molana Yousuf| Dawat-e-Tabligh

Hazratji Molana Yousuf 
दीन का रंग भरा जिंदगियों में तूने, काम पूरा किया सदियों का दिनों में तूने । एक दुनिया तेरी आवाज़ से बेदार हुई, हर कठिन राह तेरी सई से हमवार हुई ।..... तास्सुरात तास्सुरात (कविता)|Hazratji Molana Yousuf| Dawat-e-Tabligh तास्सुरात बर वफ़ात हसरते आयात रईसुल मुवल्लिग़ीन हज़रत मौलाना मुहम्मद यूसुफ़ साहब देहलवी नव्वरल्लाहु मरक़दहू  -मौलाना मस्ऊद अली आज़ाद फ़तहपुरी मद्दजिल्लहू ऐ कि तू सिलसिला-ए-रुश्द व हिदायत का नगीं जामा-ए-सिदक़ व सफ़ा पैकरे ईमान व यक़ीन ।  जान फिर डाल दी बेजान तनों में तूने  फूंक दी रूह नई मुर्दा दिलों में तूने । इक चुभन दिल की नुमायां तेरे हर रंग में थी इक तड़प दीन की जाहिर तेरे हर ढंग में थी मश्अले नूरे हिदायत का अलमदार भी तू  उम्मते अहमदे मुख़्तार का ग़मख्वार भी तू।  वह तेरी सई- ए-…
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