क्या मुर्दा जिंदा हो सकता है ?| KY कियामत hogi? | Dawat-e-Tabligh

क्या मुर्दा जिंदा हो सकता है ?| KY कियामत hogi? | Dawat-e-Tabligh

Maidan-e-Hashr
कहता है कि मियां ! गली सड़ी हड्डियों को कौन जिंदा करेगा ? "क्या जब हम मर गये और मिट्टी और हड्डियां ही हड्डियां हो गये तो क्या हम उठाये जाएंगे? क्या हमारे अगले बाप-दादे भी उठाये जाएंगे?..... क्या मुर्दा जिंदा हो सकता है?| KY कियामत hogi?| Dawat-e-Tabligh क्या मुर्दा जिंदा हो सकता है? क़ियामत का आना ज़रूरी है। कोई माने या न माने। वादा सच्चा है। जो होकर रहेगा। जिस वक़्त कुरआन करीम नाज़िल होता था उस वक्त भी क़ियामत के इंकारी थे और आज भी इस साबित सच्चाई से इंकार करने वाले मौजूद हैं। वह्य नाज़िल होते वक्त जो लोगों को इस बारे में शक व शुब्हे थे; बहुत-से मौकों पर क़ुरआन शरीफ़ में उनके जवाब दिए गये हैं। नीचे कुछ आयतें इसी से मुतआल्लिक़ लिखी जाती हैं।…
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