शैतान का फसाना | Shaitan की चलाकिया | Dawat-e-Tabligh

शैतान का फसाना | Shaitan की चलाकिया | Dawat-e-Tabligh

Maidan-e-Hashr
Shaitan मेरी बात क्यों मानी? तुम खुद मुज्मि हो? पैगम्बरों की दावत छोड़कर , हुज्जत और दलील के ज़रिए। मेरे झूठे और बातिल बुलावे पर तुमने क्यों कान धरा। कोई ज़बरदस्ती हाथ पकड़ के तो मैंने तुमसे कुफ़ व शिर्क के काम कराये नहीं। शैतान का फसाना | Shaitan की चलाकिया | Dawat-e-Tabligh.... शैतान का फसाना | Shaitan की चलाकिया | Dawat-e-Tabligh शैतान का फसाना अपने मानने वालों के सामने शैतान का सफाई पेश करना दुनिया में शैतान ने अपने गिरोह के साथ इंसानों को ख़ूब बहकाया और हक़ के रास्ते से हटाकर कुफ्र व शिर्क में फांसा। मगर क़ियामत के दिन इंसानों को ही इल्ज़ाम देगा कि तुमने मेरी बात क्यों मानी। मेरा तुम पर क्या ज़ोर था। चुनांचे अल्लाह का इर्शाद है : ‘और जब फ़ैसले हो चुकेंगे,…
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