ख़ुदा का चाहने वाला (कविता) |Hazratji Molana Yousuf| Dawat-e-Tabligh

ख़ुदा का चाहने वाला (कविता) |Hazratji Molana Yousuf| Dawat-e-Tabligh

Hazratji Molana Yousuf 
ख़ुदा के दीन की ख़ातिर लुटा दी जिदंगी उसने  ख़ुदा के दीन की ख़ातिर ही वह दुनिया में जीता था।   वह यूसुफ़, वह अमीरे आजमे तब्लीग़ इस्लामी, ख़ुदा के नाम का आशिक़ ख़ुदा के दीं का मतवाला । उसे अब हम न पाएंगे, उसे अब हम न देखेंगे, ख़ुदा के पास जा पहुंचा, ख़ुदा का चाहने वाला ।  लगन थी उसके दिल में हर घड़ी हर लम्हा मज़हब की उसे हर दम ख्याले इश्क़ मौला मस्त रखता था । ख़ुदा के दीन की ख़ातिर लुटा दी जिदंगी उसने  ख़ुदा के दीन की ख़ातिर ही वह दुनिया में जीता था।  ख़ुदा के दीन का परचम उड़ाया उसने दुनिया में बजाया, चार सू उसने ख़ुदा के दीन का डंका । क़ियामत तक ख़ुदा-ए-पाक की हों रहमतें उस पर करे अल्लाह उसका…
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क्या मरने के बाद Allah के पास जना हैं?|हमारा कर्तव्य क्या हैं?| Dawat-e-Tabligh

क्या मरने के बाद Allah के पास जना हैं?|हमारा कर्तव्य क्या हैं?| Dawat-e-Tabligh

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कल सबको अपने स्वामी के पास जाना है। जीवन भर परीक्षा से जूझना पड़े तो यह सोचकर सहन कर लेना कि इस संसार का जीवन तो कुछ दिनों तक सीमित है, मरने के बाद का जीवन वहां ही जन्नत और उसके सुख प्राप्त करने के लिए और अपने मालिक को प्रसन्न करने के लिए और उसको आंखों से देखने के लिए ये परीक्षाएं कुछ भी नहीं हैं।  ईमान की ज़रूरत मरने के बाद के जीवन के अलावा इस संसार में भी ईमान और इस्लाम हमारी ज़रूरत है और मनुष्य का कर्तव्य है कि एक स्वामी की उपासना और आज्ञापालन करे। जो अपने स्वामी और पालनहार का दर छोड़ कर दूसरों के सामने झुकता फिरे, वह जानवरों से भी गया गुज़रा है। कुत्ता भी अपने मालिक के दर पर पड़ा रहता…
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