Hazratji Maulana Yousuf  ताज़ियतनामा| Dawat-e-Tabligh

Hazratji Maulana Yousuf  ताज़ियतनामा| Dawat-e-Tabligh

Hazratji Molana Yousuf 
Hazratji Maulana Yousuf ताज़ियतनामा, इसे उन्होंने बरक़रार ही नहीं रखा, बल्कि इसमें और चार चांद लगा दिए थे।....  ताज़ियतनामा - मौलाना अब्दुल माजिद दरियाबादी, एडीटर 'सिदके जदीद’         शेखुत्तब्लीग़ मौलाना मुहम्मद यूसुफ़ कांधलवी सुम-म देहलवी की शख्सियत हिन्दुस्तानगीर (ओल इंडिया) सी नहीं रही थी, ओल वर्ल्ड (आफ़ाक़गीर) हो चुकी थी। बर्मा, जापान वग़ैरह तो फिर एशिया ही के मुल्क हैं। इनकी तब्लीग़ी जमाअतें तो ईमान का कलिमा पढ़ती हुई, यूरोप और अफ्रीक़ा और अमरीका के मुल्कों तक पहुंच चुकी थीं और कितनों को कलिमा शहादत पढ़ा चुकी थीं। एक हैरतअंगेज़ जादुई-सा दीनी निज़ाम उनकी मनातीसी शख़्सियत ने, इस बेदीनी के दौर में, दुनिया भर में क़ायम कर दिया था और इस तहरीक की जो क़ियादत इन्हें अपने वालिद माजिद मौलाना मुहम्मद इलयास रहमतुल्लाहि अलैहि से वरसे में…
Read More
Hazratji Maulana Yousuf कौन है?| 2nd Ameer of Tabligh Jamaat| Dawat-e-Tabligh

Hazratji Maulana Yousuf कौन है?| 2nd Ameer of Tabligh Jamaat| Dawat-e-Tabligh

Hazratji Molana Yousuf 
2nd Ameer of Tabligh Jamaat, हज़रत मौलाना मुहम्मद यूसुफ रह० का दौर जिन लोगों ने देखा है वह अच्छी तरह जानते हैं कि Hazratji Maulana Yousuf....  आसमां तेरी लहद पर शबनम अफ़शानी करे  परिचय ये लाइनें लिखते वक़्त क़लम का जिगर फट उठता है कि आलमे इस्लाम की सबसे बड़ी तब्लीग़ी तहरीक के रहनुमा शेख़े वक़्त और आलिमे रब्बानी हज़रत मौलाना मुहम्मद यूसुफ़ साहब लगभग चौथाई सदी तक लगातार सफ़र, लगातार जद्दोजेहद, लगातार दावत और लगातार नक़ल व हरकत के बाद अब ख़ुदा के जवारे रहमत में आराम कर रहे हैं यानी रात बहुत थे जागे, सुबह हुई आराम किया। मुन्शी अनीस अहमद मरहूम ने हज़रत जी (मौलाना मुहम्मद यूसुफ़ रह०) के आखिरी दौर की ऐसी बहुत सी अहम तक़रीरें जमा करके छापी थीं, साथ ही हज़रत के आखिरी वक्त…
Read More
ख़ुदा का चाहने वाला (कविता) |Hazratji Molana Yousuf| Dawat-e-Tabligh

ख़ुदा का चाहने वाला (कविता) |Hazratji Molana Yousuf| Dawat-e-Tabligh

Hazratji Molana Yousuf 
ख़ुदा के दीन की ख़ातिर लुटा दी जिदंगी उसने  ख़ुदा के दीन की ख़ातिर ही वह दुनिया में जीता था।   वह यूसुफ़, वह अमीरे आजमे तब्लीग़ इस्लामी, ख़ुदा के नाम का आशिक़ ख़ुदा के दीं का मतवाला । उसे अब हम न पाएंगे, उसे अब हम न देखेंगे, ख़ुदा के पास जा पहुंचा, ख़ुदा का चाहने वाला ।  लगन थी उसके दिल में हर घड़ी हर लम्हा मज़हब की उसे हर दम ख्याले इश्क़ मौला मस्त रखता था । ख़ुदा के दीन की ख़ातिर लुटा दी जिदंगी उसने  ख़ुदा के दीन की ख़ातिर ही वह दुनिया में जीता था।  ख़ुदा के दीन का परचम उड़ाया उसने दुनिया में बजाया, चार सू उसने ख़ुदा के दीन का डंका । क़ियामत तक ख़ुदा-ए-पाक की हों रहमतें उस पर करे अल्लाह उसका…
Read More

क्या मरने(मृत्यु) के बाद Jannat\ jahannam(Hell) में जाना है?| Prophet Mohammad  कि आखिरी बात| Dawat-e-Tabligh

Uncategorized
क्या मरने(मृत्यु) के बाद Jannat\ jahannam(Hell) में जाना है?| Prophet Mohammad  कि आखिरी बात| Dawat-e-Tabligh मनुष्य की एक और कमज़ोरी मनुष्य की यह कमज़ोरी रही है कि वह अपने बाप दादा और बुजुर्गों की ग़लत बातों को भी आंख बन्द करके मानता चला जाता हे, चाहे बुद्धि और तर्क उन बातों का साथ नहीं दे रहे हों, लेकिन इसके बावजूद मनुष्य पारिवारिक बातों पर जमा रहता है और इसके विरुद्ध अमल तो क्या, कुछ सुनना भी पसन्द नहीं करता। Prophet Mohammad की तकलीफ यही कारण था कि 40 साल की आयु तक मुहम्मद (सल्ल.) का सम्मान करने और सच्चा मानने और जानने के बावजूद मक्का के लोग अल्लाह के सन्देष्टा के रूप में अल्लाह की ओर से लायी गयी आपकी शिक्षाओं के दुश्मन हो गए। आप जितना अधिक लोगों को सबसे बड़ी सच्चाई शिर्क के विरुद्ध एकेश्वरवाद की…
Read More
सच्चा धर्म केवल एक है| सच की आवाज़| Dawat-e-Tabligh

सच्चा धर्म केवल एक है| सच की आवाज़| Dawat-e-Tabligh

Uncategorized
ईमानदार सच की आवाज़|  इसी प्रकार सबसे बड़ा सदकर्म "ईमान" है, जिसके बारे में दुनिया के समस्त धर्म वाले यह कहते हैं कि सब कुछ यहीं छोड़ जाना है, मरने के बाद आदमी के साथ केवल ईमान जाएगा। ईमानदार या ईमान वाला उसे कहते हैं जो हक देने वाला हो, इसके विपरीत हक मारने वाले को ज़ालिम व काफिर (इन्कारी) कहते हैं। मनुष्य पर सबसे बड़ा हक उसके पैदा करने वाले का है। वह यह कि सबको पैदा करने वाला, जीवन और मृत्यु देने वाला स्वामी, पालनहार और उपासना के योग्य केवल अकेला अल्लाह है, तो फिर उसी की उपासना की जाए, उसी को स्वामी, लाभ हानि, सम्मान व अपमान देने वाला समझा जाए और उसके दिए हुए जीवन को उसकी इच्छा व आज्ञा अनुसार बसर किया जाए। उसी को…
Read More