सबसे अच्छा कर्म Web Stories | Dawat-e-Tabligh

सबसे अच्छा कर्म Web Stories | Dawat-e-Tabligh

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इस ख़्याल से मैं डरता रहा और फ़िक्र में घुलता रहा। आज दिल खुश करने वाला नतीजा देख रहा हूं। जुर्म न मानने पर गवाहियां , सबसे अच्छा कर्म Web Stories | Dawat-e-Tabligh
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दुनिया में aur कितने दिन baki रहे? Web Stories | Dawat-e-Tabligh

दुनिया में aur कितने दिन baki रहे? Web Stories | Dawat-e-Tabligh

Web Stories
वाला कि तुम दुनिया में एक दिन से ज़्यादा नहीं रहे।' उस दिन से जो बच्चों को बूढ़ा कर देगा।' 'कितने चेहरे उस दिन रौशन (और) हंसते (और खुशी करते होंगे.. दुनिया में aur कितने दिन baki रहे? Web Stories | Dawat-e-Tabligh
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Duniya में दोबारा आने की दरखास्त | सब धोके में हैं Web Stories| Dawat-e-Tabligh

Duniya में दोबारा आने की दरखास्त | सब धोके में हैं Web Stories| Dawat-e-Tabligh

Web Stories
‘अगर उन्हें लौटा दिया जाए तो फिर वे गुनाह करेंगे जिससे मना किया गया है। बेशक ये बड़े झूठे हैं।' लीडरों की बेज़ारी, दुनिया में दोबारा आने की दरखास्त | सब धोके में हैं Web Stories | Dawat-e-Tabligh
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नफिल Namaz के Duniya में फ़ायदे | रातो में Namaz फड़ने वाले | Dawat-e-Tabligh

नफिल Namaz के Duniya में फ़ायदे | रातो में Namaz फड़ने वाले | Dawat-e-Tabligh

Maidan-e-Hashr
हिसाब-किताब, किसास, मीज़ान ' और हर जान को उसके अमल का पूरा बदला दिया जाएगा।' नफ़्लों Namaz के फायदा | रातो में Namaz फड़ने वाले | Dawat-e-Tabligh.. नफिल Namaz के Duniya में फ़ायदे | रातो में Namaz फड़ने वाले | Dawat-e-Tabligh  नीयतों पर फैसले नफिल Namaz के फ़ायदे नमाज़ का हिसाब और नफ़्लों का फायदा हज़रत अबू हुरैरः ने फरमाया कि मैंने रसूलुल्लाह से सुना है कि बेशक क़ियामत के दिन बंदे के आमाल में से पहले उसकी नमाज़ का हिसाब किया जाएगा। पस अगर नमाज़ ठीक निकली तो कामयाबी और बामुराद होगा और अगर नमाज़ ख़राब निकली तो नामुराद और टोटा उठाने वाला होगा। पस उसके फ़र्ज़ी में कोई कमी रह जाएगी तो अल्लाह तआला फ़रमायेंगे कि देखो, क्या मेरे बन्दे के कुछ नफ़्ल भी हैं? पस (अगर नफ़्ल…
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Duniya kab tak chalegi| Mout क्यू आति है?| Dawat-e-Tabligh

Duniya kab tak chalegi| Mout क्यू आति है?| Dawat-e-Tabligh

Maidan-e-Hashr
जिस तरह इंसानों और जिन्नों की उम्र मुकर्रर हैं; उसी तरह दुनिया की उम्र भी मुकर्रर है। ‘जिसने पैदा किया मौत को और जिंदगी को ताकि तुमको जांचा जाए कि तुम में कौन अच्छे काम करता है।'... Duniya kab tak chalegi| Mout क्यू आति है?| Dawat-e-Tabligh परिचय मरने के बाद दोबारा जिन्दा होना, हश्र का काइम होना और हिसाब व किताब लिया जाना इस्लाम के बुनियादी अकीदों में शामिल है। दुनिया की जिन्दगी में किया जाने वाला छोटे से छोटा और बड़े से बड़ा अमल उस दिन इन्सान के सामने आ जायेगा और अच्छा या बुरा जैसा भी वह अमल होगा उसका बदला भी ज़रुर दिया जायेगा। वहां न कोई असर व रसूख काम आयेगा, न धन दौलत और न कोई सिफारिश इस किताब में कुरआन मजीद और हदीस शरीफ़…
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