क्या अच्छे काम लोगो को देखने के लिए करना ?| क्या लोगो को दीखाने के लिए पैसे kharch करना ?| Dawat-e-Tabligh

क्या अच्छे काम लोगो को देखने के लिए करना ?| क्या लोगो को दीखाने के लिए पैसे kharch करना ?| Dawat-e-Tabligh

Maidan-e-Hashr
हर भले काम में मैंने आप की खुशी के लिए अपना माल ख़र्च किया। बन्दों को अच्छे आमाल (karam) का बदला देंगे । क्या अच्छे काम लोगो को देखने के लिए करना ?| क्या लोगो को दीखाने के लिए पैसे kharch करना ?| Dawat-e-Tabligh क्या अच्छे काम लोगो को देखने के लिए करना ?| क्या लोगो को दीखाने के लिए पैसे kharch करना ?| Dawat-e-Tabligh लोगो ki nazar ma बहादुर बनने के लिए शहीद होना हज़रत अबू हुरैरः से रिवायत है कि आंहज़रत सैयदे आलम ने फरमाया कि बेशक कियामत के दिन जिन लोगों के बारे में सबसे पहले फैसला दिया जाएगा। उनमें से एक शख्स वह होगा जो ( जिहाद में कत्ल हो जाने की वजह से ) शहीद समझ लिया गया था, उसको क़ियामत के दिन लाया जाएगा।…
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क्या हर चिजो का हिसब होगा? |क्या Qayamat के दिन कीमत वसूल hogi ? | Dawat-e-Tabligh

क्या हर चिजो का हिसब होगा? |क्या Qayamat के दिन कीमत वसूल hogi ? | Dawat-e-Tabligh

Maidan-e-Hashr
यूँ पूछा जाएगा कि क्या हमने तेरे जिस्म को ठीक न रखा था और क्या तुझे हमने ठंढे पानी से तर नहीं किया था। Qayamat के दिन के सवाल क्या है, क्या ये लोग तुमको पूजा करते थे ।' क्या हर चिजो का हिसब होगा? |क्या Qayamat के दिन कीमत वसूल hogi ? | Dawat-e-Tabligh क्या हर चिजो का हिसब होगा? |क्या Qayamat के दिन कीमत वसूल hogi ? | Dawat-e-Tabligh क्या हर चिजो / नेमतों का हिसब होगा?  नेमतों का हाल क़ियामत के दिन नेमतों का सवाल होगा। क़ुरआन शरीफ में इर्शाद है : फिर अलबत्ता ज़रूर तुमसे उस दिन नेमतों की पूछ होगी) । हज़रत अबू हुरैरः से रिवायत है कि आहज़रत सैयदे आलम ने इर्शाद फ़रमाया कि बिलाशुब्हा क़ियामत के दिन नेमतों में से सबसे पहले (तन्दुरुस्ती…
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अंधेरे मैं Masjid जाने के फ़ायदे | Allah ki अदालत 2 Maidan-e-Hashr | Dawat-e-Tabligh

अंधेरे मैं Masjid जाने के फ़ायदे | Allah ki अदालत 2 Maidan-e-Hashr | Dawat-e-Tabligh

Maidan-e-Hashr
‘यानी उस दिन दुनिया के दोस्त एक-दूसरे के दुश्मन बने हुए होंगे। हां! परहेज़गारों की दोस्ती उस वक्त भी कायम रहेगी।अंधेरे में Masjid जाने वालों को खुशख़बरी सुना दो कि.. अंधेरे मैं Masjid जाने के फ़ायदे | Allah ki अदालत 2 Maidan-e-Hashr | Dawat-e-Tabligh अंधेरे मैं Masjid जाने के फ़ायदे |Allah ki अदालत 2 Maidan-e-Hashr | Dawat-e-Tabligh सबसे ज़्यादा भूखे कौन रहेगे ?   क़ियामत के दिन सबसे ज़्यादा भूखे हज़रत इब्ने उमर से रिवायत है कि हज़रत रसूल करीम के सामने एक शख़्स ने डकार ली। आप ने फ़रमाया कि अपनी डकार कम करो क्योंकि क़ियामत के दिन सबसे ज़्यादा देर तक वही भूखे रहेंगे जो दुनिया में सबसे ज्यादा देर तक पेट भरे रहते हैं।" दोगले इंसान का क्या होगा ?  दोगले का हश्र हज़रत अम्मार से रिवायत 7है…
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क़ियामत की तारीख़ ky hai? Maidan-e-Hashr | सूर और सूर का फूंका जाना | Dawat-e-Tabligh

क़ियामत की तारीख़ ky hai? Maidan-e-Hashr | सूर और सूर का फूंका जाना | Dawat-e-Tabligh

Maidan-e-Hashr
पूछा कि क़ियामत कब कायम होगी, तो उनके इस सवाल के जवाब में प्यारे नबी ने इर्शाद फ़रमाया कि— क़ियामत की तारीख़ ky hai? Maidan-e-Hashr | सूर और सूर का फूंका जाना | Dawat-e-Tabligh परिचय क़ियामत की निशानियां इस नाचीज़ ने एक किताब में जमा कर दी हैं जो 'रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की पेशीनगोइयां' के नाम से छप चुकी हैं इसलिए कियामत की निशानियों को उसी में पढ़ लें। अब उन लोगों का मुख़्तसर हाल लिखकर जिन पर कियामत कायम होगी, कियामत के हालात लिखना शुरू करता हूँ । वल्लाहु वलीयुत्तौफीक व हु व ख़ैरु औनिॐ व ख़ैरु र्रफ़ीक़ । कियामत किन लोगों पर कायम होगी ? हज़रत अब्दुल्लाह बिन मस्ज़द से रिवायत है कि हज़रत रसूले करीम ने इर्शाद फ़रमाया कि क़ियामत सबसे बुरी मख़्लूक पर कायम…
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 दुनिया में aur कितने दिन baki रहे? | चेहरों पर खुशी और उदासी| Dawat-e-Tabligh

 दुनिया में aur कितने दिन baki रहे? | चेहरों पर खुशी और उदासी| Dawat-e-Tabligh

Maidan-e-Hashr
वाला कि तुम दुनिया में एक दिन से ज़्यादा नहीं रहे।' उस दिन से जो बच्चों को बूढ़ा कर देगा।' 'कितने चेहरे उस दिन रौशन (और) हंसते (और खुशी करते होंगे..  दुनिया में aur कितने दिन baki रहे? | चेहरों पर खुशी और उदासी| Dawat-e-Tabligh  दुनिया में कितने दिन रहे? Maidan-e-Hashr| चेहरों पर खुशी और उदासी| Dawat-e-Tabligh दुनिया में aur कितने दिन baki रहे? अल्लाह तआला ने इस आयत के बाद दूसरी आयत में फ़रमाया : नहनु अलमु बिमा यकूलू न इज़ यकूलु अम्सलुहुम तरीकृतन इल्लविस्तुम इल्ला यौमा । 'हमको अच्छी तरह मालूम हैं, जो कुछ वे कहते हैं। जब बोलेगा उनमें का अच्छी रविश वाला कि तुम दुनिया में एक दिन से ज़्यादा नहीं रहे।' आख़िरत के लम्बे और वहां कि दर्दनाक मंज़रों को देखकर दुनिया में या कब्र…
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इन्सानों का कब्रों से निकलना Maidan-e-Hashr| काफिरों की आंखें कैसे होंगी? | Dawat-e-Tabligh

Maidan-e-Hashr
"और हम उनको क़ियामत के दिन अंधे, बहरे, गूंगे करके चेहरों के बल चलाएंगे,' कब्रों से बे-ख़त्ना के निकलेंगे। आपस में कहते होंगे कि दुनिया में बस तुम दस दिन रहे।'....  इन्सानों का कब्रों से निकलना हज़रत अब्दुल्ला बिन उमर  रिवायत फ़रमाते हैं कि प्यारे नबी ने इरशाद फरमाया कि सबसे पहले ज़मीन फटकर मुझे ज़ाहिर करेगी; फिर अबू बक्र  व हज़रत उमर क़ब्रों से जाहिर होंगे। फिर बकी (कब्रिस्तान) में जाऊंगा। इसलिए वे (क़ब्रों से निकल कर ) मेरे साथ जमा कर दिए जाएंगे। फिर मैं मक्का वालों का इन्तिज़ार करूंगा, (यहां तक कि वे भी क़ब्रों से निकल कर मेरे साथ हो जाएंगे) फिर मैं हरमैन (वालों) के दर्मियान (महशर में) जमा हो जाऊंगा। जिन्को kabar में दफ़न ना किया हो उनका क्या होगा ? जो लोग क़ब्रों…
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