Kya कर्मों का फल मिलेगा?| बड़ी सच्चाई| Dawat-e-Tabligh

Kya कर्मों का फल मिलेगा?| बड़ी सच्चाई| Dawat-e-Tabligh

Uncategorized
दुनिया में न किसी आँख ने देखा न किसी कान ने सुना न किसी दिल में उनका विचार आया।जो लोग बुरे काम करेंगे.. Kya कर्मों का फल मिलेगा?| बड़ी सच्चाई Kya कर्मों का फल मिलेगा?| बड़ी सच्चाई| Dawat-e-Tabligh मौत कि बड़ी सच्चाई Allah ने अपनी सच्ची पुस्तक कुरआन में बहुत सी सच्चाई में से एक सच्चाई हमें यह बतायी है "हर जीवन को मौत का स्वाद चखना है फिर तुम सब हमारी ही ओर लौटाए जाओगे ।" (अनुवाद कुरआन, अन्कबूत 29:57) इस आयत के दो भाग हैं। पहला यह कि हरेक जीव को मौत का स्वाद चखना है। यह ऐसी बात है कि हर धर्म, हर वर्ग और हर स्थान का आदमी इस बात पर विश्वास करता है बल्कि जो धर्म को भी नहीं मानता वह भी इस सच्चाई के…
Read More
Allah दिखाई kyu नहीं देते?|Hazratji Molana Yousuf Bayan in Hindi| Dawat-e-Tabligh

Allah दिखाई kyu नहीं देते?|Hazratji Molana Yousuf Bayan in Hindi| Dawat-e-Tabligh

Hazratji Molana Yousuf 
Allah को किसी और चीज़ की ज़रूरत नहीं। वह जो कुछ करता है, अपनी क़ुदरत के साथ करता है। सब ख़ुदा की मुहताज हैं, Allah कितने बड़े हैं?- Hazratji Yousuf Allah दिखाई kyu नहीं देते? सबसे पहली बात! अल्लहु अक्बर! जमीन, आसमान, हवा, पानी, आग, पहाड़ जितनी छोटी-बड़ी शक्लें हैं, इन सबसे अल्लाह बहुत बड़े हैं। वह हवा, जिसको ख़ुदा अगर मश्क़ि से मरिब तक एक दिन के लिए तेज़ चला दें, या आधा दिन के लिए, तो मूसा अलैहि० व ईसा अलैहि० के हाथों जितनी ईजादें हैं और उनके पीछे चलने वाले जितनी शक्लें लिए बैठे हैं, वे रूए ज़मीन से आधे दिन में साफ़ हो जाएं, अगर आद जैसी हवा चला दें, सब फ़ना हो जाएं। अल्लाह उस हवा से बहुत बड़ा है। तुम्हारे हाथों की शक्लें तो हवा के सामने…
Read More
Real कामयाबी kisme hai? |Hazratji Molana Yousuf Bayan in Hindi| Dawat-e-Tabligh

Real कामयाबी kisme hai? |Hazratji Molana Yousuf Bayan in Hindi| Dawat-e-Tabligh

Hazratji Molana Yousuf 
मरने से पहले-पहले इस बात को दिल में उतार ले कि हुजूर सल्ल० के तरीक़े में इस्तेमाल होने में कामयाबी है और मुल्क व माल के चीथड़ों में कोई कामयाबी नहीं, इसको अपने पे खोल ले। मरने से पहले-पहले तेरे दिल पे खुल जाए,  रईसुत्तब्लीग़ हजरत मौलाना मुहम्मद यूसुफ़ नव्वरल्लाहु मरदहू ने यह तकरीर दिल पज़ीर अपनी वफ़ात से एक हफ्ता पहले गुजरानवाला में जुमा की नमाज़ से पहले फ़रमाई थी, गोया यह आपकी जिंदगी का आखिरी जुमा था, जिसमें आपने यह तकरीर फ़रमाई। इससे अगले जुमा यानी 2 अप्रैल 1965 ई० को लाहौर बिलाल पार्क में आपका विसाल हो गया और आप हम सबको सोगवार छोड़कर अपने ख़ालिक हक़ीकी से जा मिले। इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन० मुरत्तिव : मीर अब्दुल हलीम, गुजरानवाला real कामयाबी kisme hai? Allah…
Read More
 ज़िंदगी गुज़रने का असल तरिका |Hazratji Molana Yousuf Bayan in Hindi| Dawat-e-Tabligh

 ज़िंदगी गुज़रने का असल तरिका |Hazratji Molana Yousuf Bayan in Hindi| Dawat-e-Tabligh

Hazratji Molana Yousuf 
दुनिया के हालात पर नजर डालें तो हालात की ख़राबी के साए नज़र आते हैं, हालात का ताल्लुक आमाल से है। अपने तरीक़ों को नबियों के तरीक़ों से बदलो ज़िंदगी गुज़रने का असल तरिका तारीख़ 18 अप्रैल सन् 1964 ई०, मुताबिक 18 जुलहिज्जा सन् 1384 हि० को बाब इब्राहीम हरम शरीफ़ मक्का मुकर्रमा के इज्तिमाअ में, वक़्त अरबी 2 बजे दिन हिन्दुस्तानी टाइम 10 बजे में की गई तक़रीर हम्द व सना के बाद, बिरादराने इस्लाम ! सारी दुनिया के हालात पर नजर डालें तो हालात की ख़राबी के साए नज़र आते हैं। हाकिम व महकूम के हालात ख़राव, मालिक व मजदूर के हालात खराब, ज़मींदार व किसान के हालात खराब, अमीर और ग़रीब के हालात ख़राब नज़र आते हैं। दुनिया वालों ने मेहनत के तरीक़े बदल लिए हैं। मुल्क…
Read More